KGMU में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: तीन कर्मचारी बर्खास्त, एक निलंबित
KGMU में भ्रष्टाचार पर वार: मृत मरीजों के नाम पर दवाइयां खरीदने में तीन बर्खास्त, एक निलंबित

Image: Jagran
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने यूरोलाजी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त और एक चीफ फार्मासिस्ट को निलंबित किया है। मृत मरीजों के नाम पर दवाइयाँ खरीदने के मामले में जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं।
- 01तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है और एक चीफ फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है।
- 02जांच में पाया गया कि मृत मरीजों के नाम पर दवाइयाँ खरीदी गईं।
- 03विभागाध्यक्ष अपुल गोयल को हटा दिया गया है और प्रो. एचएस पहवा को कार्यवाहक विभागाध्यक्ष बनाया गया है।
- 04प्रशासन ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
- 05केजीएमयू ने मरीजों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने यूरोलाजी विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है और एक चीफ फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है। जांच में सामने आया कि कर्मचारियों ने मृत मरीजों के नाम पर दवाइयाँ खरीदीं, जिसमें चार ऐसे मरीज शामिल थे जो महीनों पहले ही निधन हो चुके थे। इसके अलावा, कई सामान्य मरीजों को भी असाध्य रोगों की सूची में शामिल किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों के खिलाफ चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने कहा कि मरीजों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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इस कार्रवाई से केजीएमयू में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
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