ब्लू ओरिजिन रॉकेट विस्फोट: सुरक्षा मानकों पर पूर्व ISRO प्रमुख का बयान
Blue Origin Blast: रॉकेट फट जाए तो कितनी दूर तक जाकर दबोच सकती है मौत? ISRO के पूर्व चीफ ने बताया सच

Image: Zee News
28 मई 2026 को फ्लोरिडा में ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट परीक्षण के दौरान फट गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। पूर्व ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने रॉकेट लॉन्च के दौरान सुरक्षा मानकों और दूरी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रॉकेट के पास रहना अत्यधिक खतरनाक हो सकता है।
- 01ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट परीक्षण के दौरान फट गया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
- 02रॉकेट लॉन्च से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए दूरी के मानक अलग-अलग देशों में भिन्न होते हैं।
- 03रॉकेट के पास रहने से थर्मल रेडिएशन, ओवरप्रेशर वेव और मलबे के खतरे होते हैं।
- 04ISRO के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि सुरक्षा दूरी जीवन और मृत्यु का सवाल है।
- 05भारत में सतीश धवन स्पेस सेंटर में दर्शकों की गैलरी लॉन्च पैड से 6.5 किलोमीटर दूर है।
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28 मई 2026 को अमेरिका के फ्लोरिडा में ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट परीक्षण के दौरान अचानक फट गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। यह घटना भविष्य के मून मिशन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ISRO के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ ने रॉकेट लॉन्च के दौरान सुरक्षा मानकों और दर्शकों की दूरी के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि रॉकेट के पास रहना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि रॉकेट उड़ान के दौरान अत्यधिक गर्मी, दबाव और मलबे का खतरा उत्पन्न करता है। सोमनाथ ने कहा कि NASA और ISRO जैसी एजेंसियां सुरक्षा दूरी का निर्धारण वैज्ञानिक गणनाओं के आधार पर करती हैं। उदाहरण के लिए, भारत के सतीश धवन स्पेस सेंटर में दर्शकों की गैलरी लॉन्च पैड से 6.5 किलोमीटर दूर है। यह दूरी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
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रॉकेट लॉन्च के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है ताकि संभावित खतरों से आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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