बिठूर के कुम्हारों को मिला आईआईटी कानपुर का सहयोग, मिट्टी की गुल्लकें लौट आईं
बिठूर की माटी को मिला IIT कानपुर का साथ: बदली कुम्हारों की किस्मत; नए कलेवर में लौट आई बचपन की 'गुल्लक'

Image: Jagran
उत्तर प्रदेश के बिठूर में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से कुम्हारों को आईआईटी कानपुर के सहयोग से आधुनिक डिजाइनों में मिट्टी की गुल्लकें बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल कुम्हारों की आर्थिक स्थिति सुधारने और बच्चों में बचत के संस्कार विकसित करने का उद्देश्य रखती है।
- 01बिठूर के कुम्हार अब आधुनिक डिजाइन और पैकेजिंग में गुल्लकें बना रहे हैं।
- 02आईआईटी कानपुर की 'रोजी शिक्षा केन्द्र' परियोजना कुम्हारों को प्रशिक्षण दे रही है।
- 03गुल्लकें अब बच्चों के पसंदीदा कार्टून और भारतीय कलाकृतियों के डिजाइनों में उपलब्ध होंगी।
- 04मुख्य विकास अधिकारी ने बिचौलियों को हटाकर कुम्हारों को सीधे बाजार से जोड़ने की योजना बनाई है।
- 05सरकारी आयोजनों में बिठूर की मिट्टी से बनी गुल्लकें स्मृति-चिह्न के रूप में दी जाएंगी।
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उत्तर प्रदेश के बिठूर में मिट्टी की पारंपरिक गुल्लकें एक नए और आधुनिक अवतार में लौट आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से कानपुर जिला प्रशासन और आईआईटी कानपुर ने कुम्हारों को आधुनिक डिजाइनों और पैकेजिंग में गुल्लकें बनाने के लिए प्रशिक्षण देने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल न केवल कुम्हारों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि बच्चों में आर्थिक अनुशासन और बचत के संस्कार भी विकसित करेगी। आईआईटी कानपुर की 'रोजी शिक्षा केन्द्र' परियोजना के तहत, कुम्हारों को आधुनिक डिजाइनिंग और मार्केटिंग की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। कुम्हारों को अब कार्टून और पारंपरिक आकृतियों वाले डिजाइनों में गुल्लकें बनाने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा, बिचौलियों को हटाकर कुम्हारों को सीधे बाजार से जोड़ने की योजना बनाई गई है। सरकारी आयोजनों में इन मिट्टी की गुल्लकें स्मृति-चिह्न के रूप में दी जाएंगी, जिससे बिठूर की माटी की खुशबू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने में मदद मिलेगी।
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यह पहल बिठूर के कुम्हारों की आर्थिक स्थिति को सुधारने और बच्चों में बचत के संस्कार विकसित करने में मदद करेगी।
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