भारत की आर्थिक रणनीति: पीएम मोदी ने वैश्विक संकट के बीच सुपरफास्ट ग्रोथ के लिए बनाई नई योजना
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत को सुपरफास्ट ग्रोथ देने का प्लान; PM मोदी ने आर्थिक धुरंधरों संग बनाई नई रणनीति

Image: News 18 Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आर्थिक धुरंधरों के साथ बैठक की, जिसमें वैश्विक मंदी और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विकास दर को 7.7% बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई। बैठक में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया गया।
- 01भारत की विकास दर को 7.7% बनाए रखने के लिए नए आर्थिक सुधारों पर चर्चा हुई।
- 02पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल की कीमतों और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया।
- 03नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य के झटकों से निपटने की रणनीति बनाई गई।
- 04सरकार ने घरेलू मांग को बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने का संकल्प लिया।
- 05आर्थिक नीति अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रूप से आगे बढ़ने की है।
Advertisement
In-Article Ad
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख आर्थिक विशेषज्ञों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विकास दर को 7.7% बनाए रखने की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक में आर्थिक किलेबंदी की योजना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए नियमों को सरल बनाने पर सहमति बनी। नीति आयोग द्वारा प्रस्तुत इम्पैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर, सरकार ने भविष्य के आर्थिक झटकों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक मंदी के प्रभाव से बचाना और घरेलू उद्योगों को सुरक्षित करना था। इस प्रकार, भारत अब आक्रामक आर्थिक नीतियों की ओर बढ़ रहा है, जिससे उसकी आंतरिक मजबूती और विकास दर को बनाए रखा जा सके।
Advertisement
In-Article Ad
सरकार की नई आर्थिक रणनीति से घरेलू उद्योगों को सुरक्षा मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप मानते हैं कि भारत की आर्थिक नीतियाँ वैश्विक मंदी के बीच प्रभावी होंगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




