दिल्ली में इमारत गिरने से कई सपने बिखरे, युवाओं की जिंदगियां प्रभावित
सपनों का मलबा, उजड़ीं कई जिंदगियां: वैज्ञानिक, अफसर, डॉक्टर बनने आए थे दिल्ली, इमारत ढहने से सब खत्म

Image: Amar Ujala
दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में एक इमारत के ढहने से कई युवा जिनके पास डॉक्टर, वैज्ञानिक और अधिकारी बनने के सपने थे, उनकी जिंदगियां प्रभावित हुई हैं। इस हादसे ने परिवारों की मेहनत और संघर्ष को मलबे में दफन कर दिया।
- 01सैदुल्लाजाब में ढही इमारत के मलबे में कई सपने दफन हो गए।
- 02कपिल, नलिन, एकता और रवि जैसे युवाओं ने अपने करियर के लिए दिल्ली का रुख किया था।
- 03एकता के पिता ने उसकी शिक्षा के लिए जमीन बेची थी, जबकि रवि की पढ़ाई पर परिवार ने 30 लाख रुपये खर्च किए।
- 04पार्वती, जो छात्रों के लिए सहारा थीं, भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं।
- 05हादसे ने परिवारों की उम्मीदों और वर्षों की मेहनत को खत्म कर दिया।
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दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में शनिवार रात एक सात मंजिला इमारत ढह गई, जिससे कई युवा अपनी जिंदगियों और सपनों को खो बैठे। यह हादसा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका था जो बेहतर भविष्य की तलाश में दिल्ली आए थे। कपिल, जो भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में वैज्ञानिक बनने के लिए इंटरव्यू देकर लौटे थे, मलबे में दब गए। नलिन, जो भारतीय रेलवे में अधिकारी बनने का सपना देख रहे थे, भी इस हादसे में जान गंवा बैठे। एकता, जो डॉक्टर बनने के लिए संघर्ष कर रही थीं, और रवि, जो विदेश से एमबीबीएस करके लौटने की तैयारी कर रहे थे, की जिंदगियां भी इस त्रासदी में समाप्त हो गईं। पार्वती, जो छात्रों के लिए मां समान थीं, भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं। यह घटना न केवल व्यक्तिगत सपनों को खत्म करती है, बल्कि उन परिवारों की मेहनत और त्याग को भी मलबे में दफन कर देती है।
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इस हादसे ने कई परिवारों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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