दिल्ली इमारत हादसे में लापरवाही का मामला: 71 दिन पहले मिली थी चेतावनी
दिल्ली इमारत हादसा: 71 दिन पहले मिली चेतावनी, फिर भी नहीं बचीं 6 जानें; असली गुनहगार कौन?

Image: Jagran
दिल्ली के सैदुलाजाब गांव में 30 मई को ढही एक इमारत के बारे में 21 मार्च को स्थानीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। इमारत के मालिक का आरोप है कि नगर निगम और पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की, जिससे छह लोगों की जान गई। जांच जारी है और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।
- 01इमारत के गिरने की चेतावनी 21 मार्च को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- 02दिल्ली हाई कोर्ट में नगर निगम ने झूठा हलफनामा पेश किया था कि इमारत में कोई काम नहीं हो रहा।
- 03इमारत के मालिक ने कई बार अधिकारियों को खतरे के बारे में सूचित किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
- 04पुलिस ने कहा है कि नगर निगम के कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
- 05मलबा हटाने के दौरान लोगों का सामान भी बरामद किया गया है, जो इमारत गिरने से पहले भागने वाले लोगों का है।
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दिल्ली के सैदुलाजाब गांव में 30 मई को एक पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिससे छह लोगों की जान चली गई। इमारत के मालिक ने बताया कि उन्होंने 21 मार्च को स्थानीय एसडीएम, दिल्ली पुलिस और नगर निगम को इमारत के खिसकने की जानकारी दी थी। हालांकि, नगर निगम ने झूठा हलफनामा पेश किया कि इमारत में कोई काम नहीं हो रहा था, जिसके कारण कोर्ट ने उनकी याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की। इमारत के गिरने के बाद, राहत कार्य में लगे कर्मियों ने मलबे से लोगों का सामान बरामद किया, जिससे पता चला कि कई लोग समय पर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। पुलिस ने कहा है कि नगर निगम के कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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इस हादसे ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा और निर्माण मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।
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