अमरपाटन में CBI अधिकारी बनकर 22 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला
CBI अधिकारी बनकर 13 दिन तक डराया-धमकाया, रिटायर्ड कर्मचारी से 22 लाख रुपये की साइबर ठगी

Image: Zee News
अमरपाटन क्षेत्र में एक रिटायर्ड कर्मचारी से CBI अधिकारी बनकर 22 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपियों ने 13 दिन तक पीड़ित को डराया और उनकी वित्तीय जानकारी हासिल की। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
- 01पीड़ित मानेंद्र सिंह राठौर से 22 लाख रुपये की ठगी हुई, जब आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताया।
- 02आरोपियों ने 13 दिनों तक लगातार संपर्क में रहकर पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया।
- 03पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
- 04पीड़ित से चार फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने का दबाव बनाया गया था।
- 05पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
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अमरपाटन क्षेत्र में एक रिटायर्ड PHE विभाग के कर्मचारी मानेंद्र सिंह राठौर को CBI अधिकारी बनकर ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 5 मई 2026 को फोन करके कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। उन्होंने पीड़ित को 13 दिनों तक डराया और उनकी वित्तीय जानकारी हासिल की। इस दौरान, पीड़ित को चार फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने के लिए भी मजबूर किया गया। 19 मई को RTGS के माध्यम से पीड़ित से 22 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भी आरोपियों ने और पैसे की मांग की। जब पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
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यह घटना स्थानीय समुदाय में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है।
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