बिहार और यूपी में पेट्रोलियम भंडार की खबरें निराधार, ओएनजीसी ने किया खंडन
बिहार के समस्तीपुर और यूपी के बलिया में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस का विशाल भंडार? ONGC ने बताई सच्चाई

Image: News 18 Hindi
बिहार के समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश के बलिया में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के भंडार होने की खबरें निराधार हैं, ओएनजीसी ने स्पष्ट किया। असली खोज अंडमान में हो रही है, जहां अरबों रुपये का हाई-रिस्क मिशन चल रहा है।
- 01ओएनजीसी के अधिकारियों ने बिहार और यूपी में पेट्रोलियम भंडार की खबरों को निराधार बताया।
- 02अंडमान में चल रहा गहरा समुद्री तेल-गैस मिशन, जिसे 'समुद्र मंथन' कहा गया है, भारत के ऊर्जा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- 03अंडमान में एक कुएं की ड्रिलिंग पर ₹1100 से ₹1200 करोड़ का खर्च आ रहा है।
- 04ओएनजीसी का दैनिक गैस उत्पादन 6 से 6.5 करोड़ क्यूबिक मीटर है, जबकि स्थानीय स्तर पर 40 हजार क्यूबिक मीटर की खोज मामूली है।
- 05भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 90% कच्चा तेल और 60% नेचुरल गैस आयात करता है।
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हाल ही में बिहार के समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश के बलिया में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के भंडार होने की चर्चा ने जोर पकड़ा, लेकिन ओएनजीसी ने इसे निराधार बताया। देहरादून में ओएनजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गंगा बेसिन में कोई महत्वपूर्ण खोज नहीं हुई है। असली खोज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के गहरे समुद्री इलाकों में चल रही है, जहां अरबों रुपये का एक हाई-रिस्क मिशन चल रहा है। अंडमान में गैस की खोज के लिए 295 मीटर गहरे समुद्र में ड्रिलिंग की जा रही है। इस मिशन का उद्देश्य भारत की ऊर्जा निर्भरता को कम करना है, क्योंकि देश का 90% कच्चा तेल और 60% नेचुरल गैस आयात होता है। ओएनजीसी के अधिकारियों ने स्थानीय खोजों को मामूली बताते हुए कहा कि वास्तविक सफलता गहरे समुद्र में ही संभव है।
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यह जानकारी स्थानीय समुदायों को प्रभावित कर सकती है, जो पेट्रोलियम और गैस की खोज से संबंधित संभावनाओं के बारे में जानने के इच्छुक हैं।
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