ब्रिटेन ने झारखंड के आम्रपाली आमों की 1.5 टन खेप मंगाई
जापानियों ने भारतीय आमों को था ठुकराया, अब अंग्रेजों ने मंगाया: 1.5 टन आम्रपाली आम की खेप ब्रिटेन के लिए रवाना

Image: Jagran
भारत के आम, विशेषकर झारखंड के आम्रपाली, अब ब्रिटेन के लिए निर्यात किए जा रहे हैं। 1.5 टन की पहली खेप 4 जून को कोलकाता से भेजी गई। यह कदम स्थानीय महिला किसानों के लिए महत्वपूर्ण है और कृषि निर्यात को बढ़ावा देगा।
- 01जापान ने भारतीय आमों के आयात को अस्थायी रूप से निलंबित किया था।
- 02ब्रिटेन ने झारखंड के आम्रपाली आमों की 1.5 टन की खेप मंगाई है।
- 03यह खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए रवाना हुई।
- 04आम्रपाली आमों का निर्यात बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया है, जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित है।
- 05इस निर्यात से किसानों को बेहतर मूल्य और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिली है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के आम, विशेषकर झारखंड के आम्रपाली आमों की 1.5 टन की पहली खेप ब्रिटेन के लिए रवाना की गई है। यह खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए भेजी गई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस निर्यात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। यह खास बात है कि आमों का उत्पादन झारखंड के सिमडेगा जिले की बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया है, जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित है। इस पहल से स्थानीय महिला किसानों को न केवल बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिल रही है। APEDA द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद, किसानों को निर्यात से जुड़े नियमों और गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी गई थी, जिससे यह निर्यात संभव हो सका। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य किसानों को भी उच्च गुणवत्ता वाली खेती के लिए प्रेरित करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्यात से झारखंड के महिला किसानों को बेहतर मूल्य और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिली है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारतीय आमों का निर्यात बढ़ना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




