त्रिनिदाद में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत, सहयोग के नए अवसर
'त्रिनिदाद के विदेश मंत्री जयशंकर संसद में आपका स्वागत है', स्पीकर की 'फिसली जुबान' तो मुस्कराई PM कमला, दिलचस्प वाकया
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का त्रिनिदाद एंड टोबैगो में स्वागत हुआ, जहां स्पीकर ने उन्हें गलती से त्रिनिदाद का विदेश मंत्री कहा। जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों जैसे डिजिटल भुगतान और फार्मास्यूटिकल्स पर चर्चा की, और त्रिनिदाद को UPI अपनाने वाला पहला कैरेबियन देश बताया।
- 01एस जयशंकर का त्रिनिदाद में स्वागत हुआ, जहां स्पीकर ने गलती से उन्हें त्रिनिदाद का विदेश मंत्री कहा।
- 02जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के लिए डिजिटल भुगतान और फार्मास्यूटिकल्स पर जोर दिया।
- 03त्रिनिदाद एंड टोबैगो UPI अपनाने वाला पहला कैरेबियन देश बना।
- 04भारत सस्ती जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है।
- 05ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं।
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भारतीय विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर का त्रिनिदाद एंड टोबैगो में स्वागत किया गया, जहां संसद के स्पीकर ने उन्हें गलती से त्रिनिदाद का विदेश मंत्री कह दिया। इस पर प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की। जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की, जिसमें डिजिटल भुगतान और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। उन्होंने बताया कि त्रिनिदाद एंड टोबैगो कैरेबियन क्षेत्र का पहला देश है जिसने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाया है। इसके अलावा, उन्होंने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर भी जोर दिया, यह बताते हुए कि भारत सस्ती जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है। ऊर्जा क्षेत्र में भी व्यापार और निवेश के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं, खासकर रिफाइनिंग और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में।
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इस यात्रा से त्रिनिदाद और टोबैगो के लिए भारत के साथ आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ेगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को लाभ होगा।
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