मुख्य दरवाजे की चरमराहट: वास्तु दोष और समाधान
दरवाजे की चरमराहट को ना करें इग्नोर, भारी पड़ सकती है लापरवाही!
Aaj Tak
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे से आने वाली चरमराहट नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है, जो मानसिक तनाव, धन की हानि और राहु दोष का कारण बन सकती है। इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत उपाय करें जैसे दरवाजे को तेल लगाना और हल्दी का छिड़काव करना।
- 01मुख्य दरवाजे से आने वाली कर्कश आवाज नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है।
- 02इस आवाज से मानसिक तनाव और घर में झगड़े बढ़ सकते हैं।
- 03हल्दी का छिड़काव और स्वस्तिक का निर्माण नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है।
- 04मुख्य दरवाजे की देहरी के नीचे चांदी का तार रखने से समृद्धि बढ़ती है।
- 05मुख्य दरवाजे पर साफ नेमप्लेट लगाना परिवार की यश और कीर्ति को बढ़ाता है।
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वास्तु शास्त्र में मुख्य दरवाजे का विशेष महत्व है, इसे सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। यदि दरवाजा खुलते या बंद होते समय चरमराता है, तो यह एक गंभीर वास्तु दोष का संकेत है। यह नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश कराता है, जिससे मानसिक तनाव और धन की हानि हो सकती है। इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके समाधान के लिए, दरवाजे में तेल या मोबिल ऑयल डालकर आवाज को ठीक करें। इसके बाद, हल्दी का छिड़काव करें और स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। मुख्य देहरी के नीचे चांदी का तार दबाने से सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। शाम को मुख्य दरवाजे के दाहिनी ओर दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा, नेमप्लेट का सही चुनाव और जूते-चप्पलों का ढेर हटाना भी महत्वपूर्ण है। ये सभी उपाय घर में सकारात्मकता लाने में मदद करते हैं।
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इन उपायों को अपनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो मानसिक शांति और समृद्धि को बढ़ावा देता है।
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