चार धाम यात्रा में उमड़ी भीड़: आस्था या सोशल मीडिया का प्रभाव?
सनातन में आस्था या रीलबाजी का क्रेज! केदारनाथ और बद्रीनाथ में क्यों उमड़ रही भीड़? समझिए पूरी कहानी
Image: Nbt Navbharattimes
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड 26 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिसमें केदारनाथ यात्रा ने 10 लाख का आंकड़ा पार किया है। गर्मियों की छुट्टियों और सोशल मीडिया के प्रभाव से यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रशासन जाम को नियंत्रित करने के लिए वन वे सिस्टम लागू कर रहा है।
- 01चार धाम यात्रा में 40 दिनों में 26 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
- 02केदारनाथ यात्रा ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 39 दिन में 10 लाख का आंकड़ा पार किया।
- 03गर्मियों की छुट्टियों और सोशल मीडिया के प्रभाव से यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
- 04ऋषिकेश से यात्रा शुरू होने पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, जिससे जाम की समस्या शुरू होती है।
- 05सरकार ने यात्रा के लिए पहले तय की गई लिमिट इस साल खत्म कर दी है।
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उत्तराखंड की चार धाम यात्रा इस बार अभूतपूर्व भीड़ का सामना कर रही है, जिसमें 40 दिनों में 26 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए हैं। केदारनाथ यात्रा में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं, जहां 39 दिन में 10 लाख से अधिक यात्री पहुंचे हैं। गर्मियों की छुट्टियों और सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण युवा और अन्य वर्ग के लोग भी इस यात्रा में भाग ले रहे हैं। ऋषिकेश से यात्रा की शुरुआत होती है, जहां रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, लेकिन लंबी लाइनों और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासन ने जाम को नियंत्रित करने के लिए वन वे सिस्टम लागू किया है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की समस्या बढ़ रही है। अनूप नौटियाल, एसडीसी संस्था के अध्यक्ष, ने बताया कि सरकार ने यात्रा के लिए पहले निर्धारित लिमिट को समाप्त कर दिया है, जिससे बिना रोक-टोक लोग पहाड़ों की ओर बढ़ रहे हैं।
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भीड़-भाड़ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात की स्थिति बिगड़ रही है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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