पीएम मोदी ने म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया
लोकतंत्र की राह पर लौटो, संवाद को बनाओ हथियार; आंग सान सू की हिरासत पर म्यांमार को PM मोदी की दो टूक

Image: News 18 Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से बातचीत में आंग सान सू की की हिरासत का मुद्दा उठाया। उन्होंने म्यांमार में स्थायी शांति और सभी पक्षों के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- 01पीएम मोदी ने म्यांमार में स्थायी शांति और संवाद के महत्व पर जोर दिया।
- 02आंग सान सू की की हिरासत का मामला 2021 के तख्तापलट से जुड़ा है, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में जेल भेजा गया।
- 03भारत ने म्यांमार के साथ व्यापार, निवेश, और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की बात कही।
- 04भारत का मानना है कि संवाद और संपर्क बनाए रखना ही समस्या का समाधान है।
- 05संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संस्थाओं ने आंग सान सू की के खिलाफ मुकदमों को राजनीतिक प्रेरित बताया है।
Advertisement
In-Article Ad
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ बातचीत के दौरान आंग सान सू की की हिरासत का मुद्दा उठाया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पीएम मोदी ने म्यांमार में स्थायी शांति और सभी पक्षों के बीच संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बातचीत म्यांमार की शांति प्रक्रिया के संदर्भ में हुई, जिसमें विभिन्न जातीय समूहों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है। मोदी ने कहा कि भारत म्यांमार का भरोसेमंद पड़ोसी है और संकट के समय मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है। आंग सान सू की को 2021 में तख्तापलट के बाद कई आरोपों में जेल भेजा गया था, जिनमें भ्रष्टाचार और कोविड नियमों का उल्लंघन शामिल हैं। भारत ने म्यांमार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें व्यापार, सुरक्षा, और विकास शामिल हैं।
Advertisement
In-Article Ad
भारत और म्यांमार के बीच सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता में सुधार हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली के लिए भारत की भूमिका के बारे में क्या सोचते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





