पत्रकारिता की साख: सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों पर जोर
सकारात्मकता और मूल्यों पर टिकी है पत्रकारिता की साख : प्रताप सिंह
Amar Ujala
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धर्मशाला में 'पत्रकारिता के मूल्य और आदर्श' विषय पर व्याख्यान में प्रताप सिंह समयाल ने कहा कि पत्रकारिता की साख सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों पर निर्भर करती है। उन्होंने पत्रकारों से समाज में जुड़ाव बढ़ाने वाली खबरों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
- 01पत्रकारिता की साख सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों पर निर्भर करती है।
- 02पत्रकारों को समाज में जुड़ाव बढ़ाने वाली खबरों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- 03प्रताप सिंह ने देवर्षि नारद को पहले ग्लोबल कम्युनिकेटर बताया।
- 04कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने मानवीय जुड़ाव की कमी पर चिंता जताई।
- 0515 पत्रकारों को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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धर्मशाला के केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर में 'पत्रकारिता के मूल्य और आदर्श' विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रताप सिंह समयाल ने पत्रकारिता की साख को सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों पर आधारित बताया। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे समाज में जुड़ाव बढ़ाने वाली खबरों को प्राथमिकता दें। उन्होंने देवर्षि नारद को विश्व का पहला ग्लोबल कम्युनिकेटर बताते हुए उनके संवाद कौशल को सराहा। कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने वर्तमान तकनीकी युग में मानवीय जुड़ाव की कमी पर चिंता जताई। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 15 पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और देवर्षि नारद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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यह व्याख्यान पत्रकारिता के मूल्यों को पुनः स्थापित करने और पत्रकारों को समाज में सकारात्मकता फैलाने के लिए प्रेरित करता है।
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