राजस्थान में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना में चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले शामिल
सर्वाधिक कृषि उपभोक्ताओं वाले चित्तौड़गढ़ जिले में किसानों को दिन में बिजली, टोंक जिला भी हुआ शामिल

Image: Globalherald
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 2027 तक सभी कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले अब इस योजना में शामिल हो गए हैं, जिससे कुल 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।
- 01चित्तौड़गढ़ जिले में 1.01 लाख और टोंक जिले में 34,748 कृषि उपभोक्ता हैं।
- 02राज्य में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी क्षमता के 59 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
- 03पीएम कुसुम योजना के तहत 4,338 मेगावाट क्षमता की 1,967 छोटी सौर ऊर्जा परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
- 04चित्तौड़गढ़ में 563 एमवीए की बिजली क्षमता बढ़ाई गई है।
- 05टोंक जिले में 142.40 एमवीए की ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धि की गई है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 2027 तक सभी कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। चित्तौड़गढ़, जो राज्य में सबसे अधिक कृषि उपभोक्ताओं वाला जिला है, और टोंक जिले को इस योजना में शामिल किया गया है। अब कुल 26 जिलों के किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली मिल रही है। ऊर्जा सचिव आरती डोगरा के अनुसार, बिजली वितरण निगम इस योजना को लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार कर रहे हैं। इस योजना के तहत, पिछले ढाई वर्षों में राज्य के बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार किया गया है, जिसमें नए ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना शामिल है। पीएम कुसुम योजना ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे किसानों को रात में खेतों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके जीवन में सुधार होगा।
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किसानों को दिन में बिजली मिलने से उनकी कृषि गतिविधियाँ सुगम होंगी और रात में खेतों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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