भारत के आसमान में सौर गतिविधियों का दुर्लभ नजारा, वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी
कुदरत का अनोखा चमत्कार या तबाही की घंटी? सोमवार को भारत के आसमान में दिखेगा ये दुर्लभ नजारा, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

Image: Zee News
भारत में 6 जून 2026 को सूर्य की सतह पर एक शक्तिशाली सौर ज्वाला M1.8 दर्ज की गई। यह घटना पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है, जिससे जी-3 श्रेणी के भू-चुंबकीय तूफान का खतरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सोमवार को आकाश में रंग-बिरंगी ऑरोरा देखने को मिल सकती है।
- 016 जून 2026 को सूर्य के एक्टिव रीजन 4461 से M1.8 श्रेणी की सौर ज्वाला का विस्फोट हुआ।
- 02सौर ज्वाला के कारण 1400 किमी/सेकंड की गति से प्लाज्मा का बादल पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।
- 03अमेरिका की Space Weather Prediction Center ने जी-3 श्रेणी के भू-चुंबकीय तूफान की चेतावनी जारी की है।
- 04Bz की दिशा के आधार पर ऑरोरा की चमक और क्षेत्र का विस्तार तय होगा।
- 05अगर स्थिति जी-4 स्तर तक पहुंची, तो ऑरोरा का दृश्यता क्षेत्र और भी विस्तृत हो सकता है।
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हाल ही में, सूर्य की सतह पर एक शक्तिशाली सौर ज्वाला M1.8 दर्ज की गई, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 8 जून 2026 को एक घना, चुंबकीय प्लाज्मा का बादल पृथ्वी के पास पहुंचेगा, जिससे जी-3 श्रेणी के भू-चुंबकीय तूफान का खतरा है। इस घटना के कारण उत्तरी भारत, मध्य यूरोप, अमेरिका के उत्तरी राज्यों, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रंग-बिरंगी ऑरोरा देखने की संभावना है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि Bz की दिशा दक्षिण की ओर होती है, तो यह पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में अस्थायी दरार पैदा कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आकाश में रंग-बिरंगी रोशनी का नजारा देखने को मिल सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक अभी भी इस घटना के सटीक प्रभाव का अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं।
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सौर गतिविधियों के कारण भू-चुंबकीय तूफान से उपग्रहों, रेडियो संचार और GPS सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
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