कैंची धाम में श्रद्धालुओं का उमड़ता सैलाब, 15 जून को होगा विशेष समारोह
कैंची धाम में श्रद्धा का संगम, ‘जय बाबा की’ से गूंजेगा पूरा धाम

Image: Globalherald
कैंची धाम, उत्तराखंड में हर साल 15 जून को बाबा नीम करोली महाराज का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में यह समारोह विशेष महत्व रखता है। यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं, और बाबा के चमत्कारों की कहानियाँ आज भी भक्तों के बीच प्रचलित हैं।
- 01कैंची धाम का नाम पहाड़ियों के कैंची के आकार से पड़ा है, जो समुद्र तल से लगभग 1400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- 02बाबा नीम करोली महाराज ने 1962 में इस स्थान पर पहली बार कदम रखा और 1964 में हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।
- 03स्थापना दिवस पर भव्य मेले और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
- 04कैंची धाम ने स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे वैश्विक हस्तियों को भी प्रेरित किया।
- 05बाबा के चमत्कारों की कई लोककथाएँ हैं, जैसे कि नदी के पानी का घी में बदलना।
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कैंची धाम, जो उत्तराखंड की शांत वादियों में स्थित है, हर साल 15 जून को बाबा नीम करोली महाराज का स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष 2026 में यह समारोह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उसी दिन की याद दिलाता है जब बाबा ने इस स्थान की नींव रखी थी। यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं, और इस अवसर पर भव्य मेले और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। बाबा नीम करोली महाराज की चमत्कारिक कहानियाँ आज भी भक्तों के बीच प्रचलित हैं, जैसे कि एक बार नदी के पानी का देसी घी में बदलना। बाबा का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों के लिए भी यह प्रेरणा का केंद्र रहा है। कैंची धाम की ऊर्जा आज भी वैसी ही बनी हुई है, और यहाँ विदेशी साधकों और आम भक्तों का आना जारी है।
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कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है, जिससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ होता है।
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