कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नया मंत्रिमंडल और सत्ता संघर्ष की संभावनाएं
कर्नाटक में फिर बनेंगे सत्ता के दो केंद्र? सीएम तो बन गए डीके शिवकुमार, लेकिन कैबिनेट पर सिद्दरमैया की छाप
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Image: Jagran
डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। मंत्रिमंडल में सिद्दरमैया के करीबी सहयोगियों की उपस्थिति से सत्ता के दो केंद्र बनने का खतरा बढ़ गया है। नई नीतियों में युवाओं के कल्याण पर जोर दिया गया है।
- 01डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- 02जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया, जो दलित समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं।
- 03शिवकुमार की पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं के कल्याण और बुनियादी ढांचे पर कई पहलों की घोषणा की गई।
- 04मंत्रिमंडल में सिद्दरमैया के करीबी सहयोगियों की उपस्थिति से सत्ता संघर्ष की आशंका है।
- 05शपथ ग्रहण समारोह में कोई महिला विधायक शामिल नहीं थी।
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डीके शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। मंत्रिमंडल में जाति और क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन दिखता है, लेकिन सिद्दरमैया के करीबी सहयोगियों की उपस्थिति से सत्ता के दो केंद्र बनने की आशंका बढ़ गई है। शिवकुमार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं के कल्याण, बुनियादी ढांचे और रोजगार पर केंद्रित कई पहलों की घोषणा की, जिसमें छात्रों के लिए मुफ्त बस पास और 2,000 करोड़ रुपये का सड़क मरम्मत कार्यक्रम शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह सांस्कृतिक परंपराओं से भरा हुआ था, लेकिन इसमें किसी भी महिला विधायक की अनुपस्थिति ने सवाल उठाए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस के इतिहास में सत्ता के कई केंद्रों के बीच संघर्ष की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों में जटिलता बढ़ गई है।
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कर्नाटक में शिवकुमार सरकार की नई नीतियों से युवाओं और छात्रों को सीधे लाभ होगा, जिससे राज्य में रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
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