मायावती ने बकरीद पर भाईचारे और एकता का संदेश दिया
Lucknow: मायावती ने दी बकरीद की बधाई, कहा- हम मंदिर-मस्जिद में बांटकर राजनीति करने के खिलाफ

Image: Amar Ujala
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ईद-उल-अज़हा पर शुभकामनाएं दीं और भाईचारे, त्याग व इंसानियत का महत्व बताया। उन्होंने नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाते हुए एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 01मायावती ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर त्याग और भाईचारे का संदेश दिया।
- 02उन्होंने बसपा के शासनकाल में सभी समुदायों के बीच खुशहाली और अमन का उल्लेख किया।
- 03मायावती ने नफरत की राजनीति का विरोध करते हुए सभी धर्मों के लोगों की समानता की बात की।
- 04उन्होंने कहा कि भारत में सभी त्योहारों को मिलकर मनाने की परंपरा होनी चाहिए।
- 05मायावती ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान के सिद्धांतों का हवाला दिया।
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि यह त्योहार त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। मायावती ने अपने बधाई संदेश में कहा कि उनके शासनकाल में हर घर में बरकत और हर बस्ती में खुशहाली थी, और उन्होंने उस समय को फिर से लौटाने का संकल्प लिया। उन्होंने नफरत की राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि भाई को भाई से लड़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस त्योहार का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मायावती ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमें सिखाता है कि सभी नागरिक समान हैं, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो। उन्होंने मंदिर और मस्जिद के नाम पर वोट मांगने वाली राजनीति का विरोध किया और एक ऐसे भारत की कल्पना की जहां ईद, दिवाली और होली सभी मिलकर मनाए जाएं।
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मायावती का संदेश समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है, जो वर्तमान राजनीतिक माहौल में महत्वपूर्ण है।
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