विजय देवरकोंडा: संघर्ष से सफलता की ओर
दो फिल्में फ्लॉप तो दो साल घर पर बैठा ये एक्टर, डेब्यू के 4 साल बाद चमकी किस्मत, स्ट्रगल के दिनों को याद करने से लगता है डर
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साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने अपने करियर की शुरुआत में दो फ्लॉप फिल्मों के बाद दो साल तक घर पर बिताए। उन्होंने खुद को एक डेडलाइन दी कि अगर एक निश्चित उम्र तक सफलता नहीं मिली, तो वह एक्टिंग छोड़ देंगे। उनकी मेहनत रंग लाई और 2015 में 'येवडे सुब्रमण्यम' से उनकी किस्मत बदल गई।
- 01विजय देवरकोंडा ने संघर्ष के दिनों में खुद को एक डेडलाइन दी थी।
- 02उनकी पहली दो फिल्में फ्लॉप होने के बाद उन्हें दो साल तक काम नहीं मिला।
- 032015 में 'येवडे सुब्रमण्यम' से उनके करियर को नई दिशा मिली।
- 04फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।
- 05विजय ने फिल्मी करियर के साथ-साथ अपना फैशन ब्रांड और प्रोडक्शन कंपनी भी शुरू की।
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विजय देवरकोंडा (साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार) का जन्म 9 मई 1989 को हैदराबाद में हुआ। उन्होंने 2011 में फिल्म 'नुव्विला' से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन यह फिल्म सफल नहीं रही। इसके बाद उनकी दूसरी फिल्म 'लाइफ इज ब्यूटीफुल' भी फ्लॉप रही। लगातार दो फ्लॉप फिल्मों के बाद विजय को लगभग दो साल तक काम नहीं मिला, जिससे उनके परिवार ने उनकी चिंता जताई। इस दौरान, उन्होंने खुद को एक डेडलाइन दी कि अगर एक निश्चित उम्र तक उन्हें पहचान नहीं मिली, तो वह एक्टिंग छोड़ देंगे। 2015 में फिल्म 'येवडे सुब्रमण्यम' से उनकी किस्मत बदल गई। 2016 में 'पेल्ली चोपुलु' ने उन्हें लीड एक्टर के रूप में पहचान दिलाई, लेकिन असली स्टारडम उन्हें 2017 की फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' से मिला। इस फिल्म ने उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिलाया। विजय ने कई हिट फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड में भी डेब्यू किया। इसके अलावा, उन्होंने अपना फैशन ब्रांड 'राउडी वियर' और प्रोडक्शन कंपनी भी शुरू की। विजय सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं और कोरोना काल में हजारों परिवारों की मदद की।
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विजय देवरकोंडा की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने सपनों का पीछा कर रहे हैं।
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