स्वस्थ समाज के लिए संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या आवश्यक: कुलपति
संतुलित आहार, दिनचर्या, स्वस्थ समाज के लिए जरूरी : कुलपति
Amar Ujala
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा में श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की प्रकृति और ऋतु के अनुसार खानपान अपनाने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
- 01आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक हैं।
- 02व्यक्ति की प्रकृति और ऋतु के अनुसार खानपान अपनाने से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- 03सामाजिक मीडिया पर गलत जानकारी से बचने के लिए अच्छे चिकित्सकों की सलाह लेना जरूरी है।
- 04शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
- 05कम्युनिटी आधारित वेलनेस प्रोग्रामों का महत्व बढ़ रहा है।
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा में श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण बीमारियों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और मानसिक संतुलन को स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति और आहार क्षमता अलग होती है, और आयुर्वेद में व्यक्ति विशेष के अनुसार आहार-विहार अपनाने पर जोर दिया गया है। यदि व्यक्ति अपनी प्रकृति और ऋतु के अनुसार संतुलित भोजन एवं दिनचर्या अपनाए, तो वह बीमारियों से बच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ संजीव कुमार ने भी स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारियों की रोकथाम के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम आवश्यक हैं।
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स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से लोग बीमारियों से बच सकते हैं, जिससे समाज में स्वास्थ्य में सुधार होगा।
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