बिहार में मछली आहार उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
बिहार में हो रहा 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन, जल्द होगा पूर्ण आत्मनिर्भर
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बिहार सरकार ने मछली आहार उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। राज्य में 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन हो रहा है, जिससे मछली उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। बिहार अब मछली निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- 01बिहार में 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन हो रहा है।
- 02राज्य ने मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की है।
- 03बिहार अब मछली निर्यात में चौथे स्थान पर है।
- 04राज्य सरकार फीड मिलों को विद्युत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
- 05वित्तीय वर्ष 2024-25 में मछली उत्पादन 9.59 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है।
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बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मछली आहार उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है। राज्य में 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन हो रहा है, जिससे मछली की उत्पादकता में वृद्धि की उम्मीद है। राज्य सरकार ने 79 फिश फीड मिल स्थापित किए हैं और इन मिलों को विद्युत वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। बिहार ने मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है और अब 39.07 हजार टन मछलियों का निर्यात किया जा चुका है। बिहार अब मछली उत्पादन में देश का चौथा बड़ा राज्य बन गया है, जबकि 2013-14 में यह नौवें स्थान पर था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 8.73 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ, जो 2024-25 में बढ़कर 9.59 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है।
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बिहार में मछली आहार उत्पादन बढ़ने से स्थानीय मछली उत्पादकों को लाभ होगा और मछली की उपलब्धता में वृद्धि होगी।
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