स्वामी चिदानंद सरस्वती का युवाओं के लिए संदेश: इंटरनेट से जुड़ना जरूरी, लेकिन आत्मा से नहीं कटना चाहिए
इंटरनेट स्पीड दे सकता है, दिशा नहीं... जी यूपीयूके के मंच से स्वामी चिदानंद सरस्वती ने युवाओं को दिया खास संदेश

Image: Zee News
समृद्धि संवाद कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने गंगा के संरक्षण, युवाओं की बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट हमें दुनिया से जोड़ता है, लेकिन आत्मिक जुड़ाव जरूरी है। उत्तराखंड को प्राकृतिक पर्यटन का केंद्र बनाना चाहिए।
- 01स्वामी चिदानंद ने गंगा के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और बताया कि 2019 में मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने गंगा की महिमा का गुणगान किया।
- 02उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि लाइक्स और फॉलोअर्स के पीछे भागने के बजाय जीवन को समझने का प्रयास करना चाहिए।
- 03स्वामी जी ने उत्तराखंड को 'नेचर और मेडिटेशन टूरिज्म' का केंद्र बनाने का सुझाव दिया।
- 04उन्होंने अपने 75वें जन्मदिन पर 75 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है।
- 05स्वामी जी ने कहा कि हिंदू मूल्यों को जीने की आवश्यकता है, न कि हिंदू राष्ट्र बनाने की।
Advertisement
In-Article Ad
समृद्धि संवाद कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने गंगा के संरक्षण और युवाओं की बदलती जीवनशैली पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने गंगा की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में गंगा की सफाई के लिए महत्वपूर्ण प्रयास हुए हैं। स्वामी जी ने कहा कि इंटरनेट हमें दुनिया से जोड़ता है, लेकिन यह हमें अपने भीतर से नहीं जोड़ता। उन्होंने युवाओं को लाइक्स और फॉलोअर्स के पीछे भागने के बजाय जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने की सलाह दी। पर्यावरण के मुद्दों पर उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चेतावनी दी और उत्तराखंड को 'नेचर और मेडिटेशन टूरिज्म' का केंद्र बनाने का सुझाव दिया। स्वामी जी ने अपने 75वें जन्मदिन पर 75 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे देश की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हिंदू मूल्यों को जीने की आवश्यकता है, जो संवाद और सम्मान पर आधारित हैं।
Advertisement
In-Article Ad
स्वामी जी के विचार उत्तराखंड में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को प्रभावित कर सकते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप स्वामी चिदानंद सरस्वती के विचारों से सहमत हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





