हरिद्वार में 'वेज बिरयानी' के नाम पर विवाद, साधु-संतों ने किया 'वेज पुलाव' का समर्थन
'वेज बिरयानी' नहीं, अब कहिए 'वेज पुलाव'... बिरयानी के नाम पर हरिद्वार में नया घमासान!

Image: Zee News
हरिद्वार में साधु-संतों ने 'वेज बिरयानी' के नाम पर विवाद खड़ा किया है। उन्होंने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे 'वेज पुलाव' नाम का उपयोग करें। यह कदम तीर्थनगरी की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, खासकर 2027 के महाकुंभ के मद्देनजर।
- 01अखंड परशुराम अखाड़े ने हरिद्वार में 'वेज बिरयानी' के नाम पर आपत्ति जताई है।
- 02साधु-संतों ने दुकानदारों से 'वेज पुलाव' का नाम अपनाने की अपील की।
- 03पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।
- 04दुकानदारों को 'वेज बिरयानी' के बोर्ड पर 'वेज पुलाव' के स्टिकर लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
- 05अगले महाकुंभ के आयोजन के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है।
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हरिद्वार में खाद्य पदार्थों के नामकरण को लेकर एक नया विवाद उभरा है। अखंड परशुराम अखाड़े के साधु-संतों ने 'वेज बिरयानी' के नाम पर आपत्ति जताते हुए दुकानदारों से आग्रह किया है कि वे इसे 'वेज पुलाव' के रूप में बदलें। इस अभियान के तहत, संतों ने विभिन्न दुकानों और ठेलियों पर लगे 'वेज बिरयानी' के बोर्डों पर 'वेज पुलाव' के स्टिकर चिपकाए। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हरिद्वार एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है और 2027 में यहां महाकुंभ का आयोजन होना है, इसलिए दुकानदारों से अपील की गई है कि वे अपने बोर्डों पर 'वेज बिरयानी' की जगह 'वेज पुलाव' लिखें। उन्होंने कहा कि यह कदम तीर्थनगरी की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस अभियान के दौरान दुकानदारों से सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत की गई और उन्हें नाम परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया।
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दुकानदारों को अपने खाद्य पदार्थों के नाम बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को बनाए रखा जा सके।
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