आईजीआईएमएस में एमआरआई जांच में फर्जीवाड़ा, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
IGIMS में एमआरआई जांच का 'खेल', पुरानी एजेंसी पर फर्जी पर्ची काटने का आरोप; जांच कमेटी गठित
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पटना, बिहार में आईजीआईएमएस में पुरानी एजेंसी द्वारा एमआरआई जांच के लिए फर्जी पर्चियाँ काटने और पैसे लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। मरीजों को बेहतर गुणवत्ता वाली जांच के लिए नए उपकरणों की ओर निर्देशित किया गया है।
- 01पुरानी एजेंसी पर फर्जी पर्ची काटने का आरोप
- 02तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन
- 03नए उपकरणों से बेहतर गुणवत्ता की जांच का निर्देश
- 04मरीजों को आर्थिक नुकसान हो रहा है
- 05संस्थान को राजस्व का नुकसान
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पटना, बिहार के आईजीआईएमएस में एमआरआई जांच के लिए पुरानी एजेंसी, फाल्गुनी प्राइवेट लिमिटेड, पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि एजेंसी ने निविदा समाप्त होने के बावजूद फर्जी पर्चियाँ काटकर मरीजों से पैसे लिए और दलालों की मदद से मरीजों को जांच के लिए लाया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उपनिदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। नए मेडिसिन भवन में स्थापित थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है। फाल्गुनी प्राइवेट लिमिटेड की निविदा जनवरी में समाप्त हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे जांच जारी रखे हुए हैं। इस स्थिति से मरीजों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और संस्थान को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। जांच समिति अपनी रिपोर्ट के बाद नियमानुकूल कार्रवाई करेगी।
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इस मामले से मरीजों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान हो रहा है, क्योंकि उन्हें बार-बार जांच करानी पड़ रही है।
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