जापान और फिलीपींस की समुद्री सीमा वार्ता पर चीन का विरोध
जापान-फिलीपींस ने मिलाया हाथ तो बौखलाया चीन, समंदर पर ठोक दिया दावा, बोला- ये सागर हमारा

Image: News 18 Hindi
जापान और फिलीपींस ने अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए वार्ता शुरू की है, जिससे चीन बौखलाया है। चीन ने इसे 'अवैध' बताते हुए विरोध किया है, claiming that it has exclusive economic rights in the region.
- 01जापान और फिलीपींस ने समुद्री सीमा निर्धारण के लिए औपचारिक वार्ता शुरू की है।
- 02चीन ने इस वार्ता को 'अवैध और अमान्य' करार दिया है।
- 03फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस की जापान यात्रा के दौरान यह घोषणा की गई।
- 04चीन ने इस मुद्दे पर जापान और फिलीपींस के समक्ष आधिकारिक आपत्ति दर्ज की है।
- 05पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ जापान और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ा है।
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एशिया के समुद्री नक्शे पर नया विवाद उभर रहा है, जहाँ जापान और फिलीपींस ने अपने समुद्री क्षेत्र और महाद्वीपीय शेल्फ की सीमा तय करने के लिए बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस की जापान यात्रा के दौरान हुई, जिसमें जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची भी शामिल थीं। चीन ने इस वार्ता पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह 'पूरी तरह अवैध और अमान्य' है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस कदम पर 'गहरी असंतुष्टि और कड़ा विरोध' जताया है। चीन का दावा है कि ताइवान के पूर्व में मौजूद समुद्री क्षेत्र में उसका विशेष आर्थिक क्षेत्र और महाद्वीपीय शेल्फ है, और वह नहीं चाहता कि जापान और फिलीपींस आपस में सीमा निर्धारण करें। पिछले कुछ वर्षों में, चीन के समुद्री दावों को लेकर जापान और फिलीपींस की चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक नजदीकियां भी बढ़ी हैं।
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जापान और फिलीपींस की इस वार्ता से दोनों देशों के बीच समुद्री विवादों का समाधान हो सकता है, जो स्थानीय मछुआरों और व्यापारियों को प्रभावित कर सकता है।
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