महंगे हवाई किराए ने भारतीय सैलानियों के रुख को बदला, नए डेस्टिनेशन की ओर बढ़े
High Air Fare Impact: हवाई किराया बढ़ा तो भारतीय सैलानियों ने छोटा कर दिया रूट, अमेरिका-यूरोप अब नहीं रहे फेवरेट डेस्टिनेशन
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से विमान ईंधन की लागत बढ़ी है, जिससे हवाई किराया भी बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय सैलानी अब यूरोप और अमेरिका के बजाय साउथईस्ट एशिया और ऑस्ट्रेलिया के डेस्टिनेशंस की ओर रुख कर रहे हैं।
- 01कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण एटीएफ की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।
- 02भारतीय सैलानियों ने यूरोप और अमेरिका के बजाय फिलीपींस, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों की ओर रुख किया है।
- 03यूरोप के लिए बुकिंग में 15-20% की गिरावट आई है।
- 04जैसलमेर और पूर्वोत्तर भारत के लिए यात्रा की मांग में वृद्धि हुई है।
- 05एयरलाइन कंपनियों को अपनी उड़ानों की संख्या घटाने की योजना बनानी पड़ सकती है।
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ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने विमान ईंधन की लागत को बढ़ा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप हवाई किराया भी काफी बढ़ गया है। इस स्थिति का असर भारतीय सैलानियों पर पड़ा है, जो अब गर्मियों की छुट्टियों के लिए यूरोप और अमेरिका के बजाय साउथईस्ट एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए डेस्टिनेशंस की ओर रुख कर रहे हैं। ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, इस बार फिलीपींस सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बनकर उभरा है, जबकि थाईलैंड, मलेशिया और बाली जैसी जगहों की भी मांग बढ़ी है। इसके अलावा, जैसलमेर जैसे घरेलू स्थानों की बुकिंग में 300% की वृद्धि देखी गई है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइन कंपनियों को भी अपनी उड़ानों की संख्या में कमी करने की योजना बनानी पड़ सकती है।
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महंगे हवाई किराए के कारण भारतीय सैलानियों की यात्रा की प्राथमिकताएं बदल रही हैं, जिससे कुछ घरेलू स्थानों की मांग बढ़ रही है।
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