गाजियाबाद में गरीबों के लिए आवासीय योजनाएं अधूरी, अमीरों को मिले फ्लैट
Ghaziabad में अमीरों को मिल गए फ्लैट पर गरीबों के आशियाने अधूरे! 3261 ही EWS-LIG बन सके
Image: Nbt Navbharattimes
गाजियाबाद में गरीबों के लिए आवासीय योजनाएं अधूरी रह गई हैं, जबकि अमीरों के लिए फ्लैट बनकर तैयार हैं। 2016 में शुरू हुई योजनाओं में से केवल 3261 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट बने हैं, जबकि 50 प्रतिशत से अधिक कार्य अभी भी लंबित है।
- 01गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के तहत 2016 में शुरू हुई योजनाओं में 3,469 ईडब्ल्यूएस और 3,469 एलआईजी फ्लैट बनाने का लक्ष्य था।
- 02अब तक केवल 1,709 ईडब्ल्यूएस और 1,552 एलआईजी फ्लैट बने हैं, यानी लगभग 50 प्रतिशत कार्य अधूरा है।
- 03पीड़ित परिवार जीडीए और बिल्डरों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।
- 04बिल्डरों ने अमीरों के लिए आलीशान कॉलोनियों का विकास किया है, जबकि गरीबों के लिए फ्लैट अधूरे छोड़ दिए हैं।
- 0510 साल बाद भी कई परिवार अपने घर का सपना देखने को तरस रहे हैं।
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गाजियाबाद में गरीबों के लिए आवासीय योजनाएं अधूरी रह गई हैं, जबकि अमीरों के लिए फ्लैट बनकर तैयार हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के तहत 2016 में शुरू हुई योजनाओं में 3,469 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और 3,469 एलआईजी (कम आय समूह) फ्लैट बनाने का लक्ष्य था। अब तक केवल 1,709 ईडब्ल्यूएस और 1,552 एलआईजी फ्लैट बने हैं, यानी लगभग 50 प्रतिशत कार्य अभी भी लंबित है। कई पीड़ित परिवार जीडीए और बिल्डरों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल निराशा ही मिल रही है। बिल्डरों ने अमीरों के लिए आलीशान कॉलोनियों का विकास किया है, जबकि गरीबों के लिए फ्लैट अधूरे छोड़ दिए हैं। इस स्थिति ने सैकड़ों परिवारों के सपनों को मलबे में तब्दील कर दिया है।
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अधूरे आवासीय योजनाओं के कारण गरीब परिवारों के घर का सपना अधूरा रह गया है।
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