संभल जिला अस्पताल में बिजली बचाने के लिए नया उपाय
संभल जिला अस्पताल में बिजली बचाने का अनोखा फॉर्मूला

Image: Aaj Tak
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जिला अस्पताल में, CMS डॉ. राजेंद्र सैनी ने बिजली बचाने के लिए एक नया उपाय लागू किया है। इसके तहत, पंखों, एसी और एलईडी बल्बों के उपयोग को नियंत्रित किया जाएगा, ताकि ऊर्जा की बर्बादी को रोका जा सके और तकनीकी खराबियों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
- 01CMS डॉ. राजेंद्र सैनी ने बिजली बचाने के लिए नोडल अफसर और कर्मचारियों की नियुक्ति की है।
- 02एक समय में दो एसी वाले कमरों में केवल एक एसी का उपयोग किया जाएगा।
- 03दिन के समय एलईडी बल्बों को जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
- 04पंखों को केवल आवश्यकता पड़ने पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- 05CMS खुद अस्पताल का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जिला अस्पताल में, CMS डॉ. राजेंद्र सैनी ने गर्मी के मौसम में बिजली बचाने का अनोखा उपाय लागू किया है। उन्होंने अस्पताल परिसर में लगे पंखों, एसी और एलईडी बल्बों के विवेकपूर्ण उपयोग की निगरानी के लिए नोडल अफसर और कर्मचारियों की नियुक्ति की है। नए नियमों के अनुसार, डॉक्टरों के कक्षों और वार्डों में बिजली उपकरणों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार और निर्धारित समय पर किया जाएगा।
विशेष रूप से, जिन कमरों में दो एसी लगे हैं, वहां केवल एक एसी का उपयोग किया जाएगा, जबकि एक एसी को अल्टरनेट विकल्प के रूप में रखा जाएगा। एकल एसी वाले कमरों में, एसी को हर चार घंटे के बाद ब्रेक देकर चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, दिन के समय एलईडी बल्बों को जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। CMS डॉ. राजेंद्र सैनी ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नियमित निरीक्षण करने का भी आश्वासन दिया है। यह कदम न केवल बिजली की बर्बादी को रोकने में मदद करेगा, बल्कि तकनीकी खराबियों से होने वाली दुर्घटनाओं को भी कम करेगा।
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इस उपाय से अस्पताल की बिजली की खपत में कमी आएगी, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और संभावित तकनीकी दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
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