लोन प्रीपेमेंट: जल्दी चुकाने से पहले करें ये जरूरी गणनाएं
कर्ज खत्म करने की जल्दबाजी पड़ सकती है महंगी, लोन प्रीपेमेंट से पहले करें यह हिसाब, वरना बचत की जगह हो सकता है घाटा
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लोन प्रीपेमेंट एक समझदारी भरा निर्णय लग सकता है, लेकिन इसे समय से पहले चुकाने से पहले कई कारकों पर विचार करना जरूरी है। प्रीपेमेंट चार्ज, ब्याज बचत और भविष्य की नकदी जरूरतों का सही मूल्यांकन करें, वरना यह निर्णय महंगा साबित हो सकता है।
- 01लोन प्रीपेमेंट पर बैंक अक्सर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज लेते हैं।
- 02अधिकांश लोन में शुरुआती वर्षों में अधिक ब्याज चुकाना होता है, जिससे प्रीपेमेंट पर वास्तविक बचत कम हो सकती है।
- 03यदि लोन की ब्याज दर उच्च है, तो प्रीपेमेंट फायदेमंद हो सकता है।
- 04आपातकालीन निधि का होना जरूरी है ताकि भविष्य में वित्तीय दबाव से बचा जा सके।
- 05लोन प्रीपेमेंट का निर्णय केवल भावनाओं पर नहीं, बल्कि पूरी गणना पर आधारित होना चाहिए।
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नई दिल्ली में वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि लोन प्रीपेमेंट का निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए। कई बैंक और वित्तीय संस्थान प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज वसूलते हैं, जो आपकी बचत को कम कर सकते हैं। लोन के प्रारंभिक वर्षों में अधिकांश EMI ब्याज में जाती है, इसलिए यदि आपने लोन की अवधि का बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा कर लिया है, तो प्रीपेमेंट करने पर आपकी वास्तविक बचत कम हो सकती है। इसके अलावा, यदि आप अपनी सभी बचत लोन चुकाने में लगा देते हैं, तो भविष्य में नकदी की कमी हो सकती है। हालांकि, यदि आपका लोन उच्च ब्याज दर वाला है या बैंक कोई प्रीपेमेंट चार्ज नहीं ले रहा है, तो प्रीपेमेंट फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद ही निर्णय लिया जाए।
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लोन प्रीपेमेंट से जुड़ी गलतियों के कारण वित्तीय स्थिति में कमी आ सकती है।
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