अंडमान में प्राकृतिक गैस का बड़ा भंडार मिलने से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती
अंडमान के पास मिला प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार, आत्मनिर्भरता की ओर भारत का बड़ा कदम

Image: Jagran
अंडमान निकोबार क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार मिले हैं, जिससे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी पुष्टि की है, जो प्रधानमंत्री के समुद्र मंथन मिशन के उद्देश्यों को मजबूत करता है।
- 01केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अंडमान में प्राकृतिक गैस के भंडार की खोज की घोषणा की।
- 02यह भंडार श्री विजय पुरम-3 में 15 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसकी गहराई 1900 मीटर है।
- 03ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अब तक तीन कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति दर्ज की है।
- 04इस खोज से भारत को वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे।
- 05यह खोज प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित 'समुद्र मंथन मिशन' के उद्देश्यों को मजबूत करती है।
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अंडमान निकोबार क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार की खोज की गई है, जो भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नया बल प्रदान करेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज की जानकारी एक वीडियो के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि यह भंडार श्री विजय पुरम-3 में 15 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसकी गहराई लगभग 1900 मीटर है। प्रारंभिक परीक्षणों में गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इस खोज से भारत को वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने और गहरे समुद्री ऊर्जा संसाधनों के दोहन में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। हरदीप सिंह पुरी ने इसे 'अमृत काल' की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह खोज प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित 'समुद्र मंथन मिशन' के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करती है।
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इस खोज से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के साथ सहयोग के अवसर बढ़ेंगे।
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