भारतीय वायु सेना के लिए माइका मिसाइलों का स्थानीय रखरखाव सुविधा विकसित करेगा एमबीडीए
वायु सेना की माइका मिसाइलों के लिए स्थानीय रखरखाव सुविधा विकसित करेगा एमबीडीए
Jagran
Image: Jagran
यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीए ने भारतीय वायु सेना के साथ माइका मिसाइलों के लिए स्थानीय रखरखाव, मरम्मत और मिड लाइफ ओवरहाल (एमआरओ) की सुविधा विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। यह पहल भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ावा देने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
- 01एमबीडीए ने भारतीय वायु सेना के साथ समझौता किया।
- 02स्थानीय रखरखाव सुविधा का विकास किया जाएगा।
- 03इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ेगी।
- 04यह भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता में सुधार करेगा।
- 05यह प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप है।
Advertisement
In-Article Ad
यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीए ने भारतीय वायु सेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत माइका मिसाइलों के रखरखाव, मरम्मत और मिड लाइफ ओवरहाल (एमआरओ) के लिए स्थानीय क्षमता विकसित की जाएगी। यह सुविधा भारतीय वायु सेना द्वारा स्थापित, संचालित और रखरखाव की जाएगी, जबकि एमबीडीए आवश्यक औद्योगिक मशीनरी, उपकरण, डाटा पैकेज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। एमबीडीए ने कहा है कि इस तरह की स्थानीय सुविधाओं का विकास दीर्घकालिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सुनिश्चित करेगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है। इस सुविधा से भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता और तत्परता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
Advertisement
In-Article Ad
यह समझौता भारतीय वायु सेना को अपने रक्षा उपकरणों के रखरखाव में आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत को अपने रक्षा उपकरणों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


-1778122358529.webp&w=1200&q=75)

