असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पेश, शादी और लिव-इन के नियम बदलेंगे
शादी से लिव-इन तक बदल जाएंगे नियम! असम विधानसभा में UCC बिल पेश; जानें पूरी डिटेल

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असम सरकार ने 25 मई को विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से जुड़ा बिल पेश किया है, जिसमें एक से अधिक विवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया है, जबकि सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं के अधिकार मजबूत होंगे।
- 01बिल में पुरुषों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल निर्धारित की गई है।
- 02लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कानूनी ढांचा प्रस्तावित किया गया है, जिसमें रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
- 03सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा होगी।
- 04यह कानून असम में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होगा।
- 05इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात में भी UCC लागू किया जा चुका है।
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असम विधानसभा में 25 मई को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया गया। इस बिल में एक से अधिक विवाह करने पर रोक लगाने और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, इसका उद्देश्य शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों को सरल और एक समान बनाना है। विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया, यह कहते हुए कि इसे लागू करने से पहले सभी समुदायों से चर्चा होनी चाहिए। बिल के अनुसार, पुरुषों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल निर्धारित की गई है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कानूनी ढांचा प्रस्तावित किया गया है, ताकि पार्टनर्स और उनके बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा हो सके। हालांकि, यह कानून असम में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होगा। इससे पहले, UCC का कानून उत्तराखंड और गुजरात में भी लागू किया गया था।
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इस बिल के लागू होने से असम में विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमों में बदलाव आएगा, जिससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा होगी।
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