बैतूल में 7 करोड़ का ताप्ती बैराज बन रहा किसानों के लिए सिरदर्द
हर साल बहती है दीवार, हर साल आता है मरम्मत का पैसा...7 करोड़ का बैराज बना किसानों का सिरदर्द
Zee News
Image: Zee News
मध्यप्रदेश के बैतूल में 7 करोड़ की लागत से बने ताप्ती बैराज में लगातार बाढ़ के कारण क्षति हो रही है, जिससे किसानों की जमीन कटाव का शिकार हो रही है। नगर पालिका को हर साल मरम्मत कार्य के लिए भारी खर्च करना पड़ रहा है। प्रशासन ने 4 करोड़ की राशि मरम्मत के लिए स्वीकृत की है, लेकिन किसानों को मुआवजा मिलने में कठिनाई हो रही है।
- 01ताप्ती बैराज का निर्माण 2018 में अमृत योजना के तहत हुआ था और इसकी लागत 7 करोड़ रुपये थी।
- 02बैराज 2022 में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ और हर साल इसकी मरम्मत के लिए नगर पालिका को भारी खर्च करना पड़ता है।
- 03किसानों का कहना है कि बैराज के कारण उनकी जमीन कटाव में बह रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
- 04नगर पालिका ने बैराज की मरम्मत के लिए 4 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
- 05बैराज के डिजाइन में खामियों के कारण यह कई बार फूट चुका है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
Advertisement
In-Article Ad
मध्यप्रदेश के बैतूल में 7 करोड़ रुपये की लागत से बने ताप्ती बैराज ने स्थानीय किसानों के लिए समस्याएँ खड़ी कर दी हैं। यह बैराज, जो 2018 में अमृत योजना के तहत बनाया गया था, 2022 में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। हर साल बाढ़ के कारण बैराज का एक हिस्सा फिर से क्षति का शिकार होता है, जिससे किसानों की जमीन कटाव में बह रही है। किसानों का आरोप है कि बैराज के निर्माण के बाद से उनकी जमीनों में लगातार कमी आ रही है। प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए 4 करोड़ रुपये की राशि मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत की है, लेकिन किसानों को मुआवजा मिलने में कठिनाई हो रही है। बैतूल नगर पालिका को हर साल बैराज की मरम्मत पर भारी खर्च करना पड़ता है, और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैराज के डिजाइन में कई खामियां हैं। इसके बावजूद, अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है।
Advertisement
In-Article Ad
बैतूल के किसानों को बैराज के कारण भूमि कटाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बैराज के निर्माण में सुधार की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


