बिहार में पत्नी ने पति के खिलाफ 7 साल की लड़ाई में दिलवाई सजा
मां के फैसले से जज हो गए हैरान, बेटे के हत्यारे पिता को सजा दिलाने के लिए लड़ी 7 साल लंबी लड़ाई
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बिहार के बेगूसराय में एक पत्नी ने अपने पति को अपने ही बेटे की हत्या के मामले में सजा दिलाने के लिए 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास और ₹15,000 का जुर्माना लगाया। यह मामला परिवार के सदस्यों द्वारा गवाही देने के कारण विशेष रूप से चर्चित रहा।
- 01पत्नी ने पति के खिलाफ 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी।
- 02कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- 03मामला बेटे की हत्या से संबंधित है, जिसमें पिता ने बेटे का गला काटा।
- 04परिवार के सदस्यों ने निष्पक्ष गवाही दी।
- 05कोर्ट ने मृतक की पत्नी को उचित मुआवजा दिलाने का आदेश दिया।
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बिहार के बेगूसराय में एक अद्वितीय मामले में, एक पत्नी ने अपने पति सुधीर कुमार के खिलाफ अपने ही बेटे आलोक कुमार की हत्या के लिए 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने बुधवार को सुधीर को आजीवन कारावास और ₹15,000 का जुर्माना सुनाया। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला तब शुरू हुआ जब सुधीर ने अपने बेटे की हत्या की, क्योंकि बेटा उसे शराब पीने और संपत्ति बेचने से रोक रहा था। कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान के आधार पर सुधीर को दोषी ठहराया। पत्नी आभा कुमारी और मृतक की मां नूतन देवी ने भी इस मामले में गवाही दी, जिससे न्यायालय को सच्चाई का पता लगाने में मदद मिली। जज ने इस मामले को विचित्र बताया और कहा कि परिवार के सदस्यों ने अभियुक्त को बचाने के बजाय न्याय का साथ दिया।
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यह मामला स्थानीय समुदाय में न्याय की उम्मीद जगाता है और घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं की भूमिका को उजागर करता है।
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