केम्प्टी फॉल्स की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते लोग
मसूरी जाने वाले सावधान! केम्प्टी फॉल की ये हालत देख टूट जाएगा दिल
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
उत्तराखंड के मसूरी में केम्प्टी फॉल्स की प्राकृतिक सुंदरता को अधूरी इमारतों और दुकानों ने ढक लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पर्यटकों की नाराजगी को बढ़ा दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या भारत में पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की जरूरत है।
- 01केम्प्टी फॉल्स, मसूरी का प्रमुख जलप्रपात, अब अधूरी इमारतों से घिरा हुआ है।
- 02सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पर्यटकों की नाराजगी को बढ़ाया है।
- 03कुछ लोग इसे ओवरटूरिज्म का परिणाम मानते हैं।
- 04पर्यावरण संरक्षण के बिना पर्यटन विकास की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- 05केम्प्टी फॉल्स का इतिहास 1835 से जुड़ा है, जब इसे अंग्रेजों का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट माना जाता था।
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उत्तराखंड के मसूरी में स्थित केम्प्टी फॉल्स, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झरनों के लिए प्रसिद्ध है, अब अधूरी इमारतों और दुकानों से घिरा हुआ है। लगभग 40 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला यह जलप्रपात हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने इस स्थान की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया है, जिसमें दिख रहा है कि कैसे केम्प्टी फॉल्स के चारों ओर भद्दी इमारतें खड़ी हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है, कुछ इसे ओवरटूरिज्म का परिणाम मानते हैं। एक यूजर ने लिखा कि झरने के पास दुकानों का होना बेहद खतरनाक है, जबकि दूसरे ने कहा कि भारत में प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की जरूरत है। यह जलप्रपात, जिसे 1835 में खोजा गया था, कभी अंग्रेजों का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट था, लेकिन अब इसकी प्राकृतिक पहचान खोती जा रही है।
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पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है यदि केम्प्टी फॉल्स की स्थिति में सुधार नहीं किया गया।
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