भारत में अल नीनो के प्रभाव से मानसूनी वर्षा में कमी का खतरा
भारत में मानसूनी वर्षा पर अल नीनो का खतरा, विशेषज्ञ जता रहे चिंता
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प्रशांत महासागर में गर्म पानी के बढ़ते प्रवाह के कारण इस बार मजबूत अल नीनो की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारत में मानसूनी वर्षा में कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल नीनो सुपर अल नीनो में परिवर्तित होता है, तो मौसम की स्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे।
- 01अल नीनो के कारण भारत में मानसूनी वर्षा में कमी की संभावना है।
- 02विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अल नीनो अधिक शक्तिशाली हो सकता है।
- 03एनएओओ की रिपोर्ट से स्थिति और स्पष्ट होगी।
- 04अल नीनो का प्रभाव वैश्विक मौसम पर भी पड़ेगा।
- 05भारतीय मौसम विभाग ने भी अल नीनो की शक्तिशाली स्थिति की चेतावनी दी है।
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प्रशांत महासागर में गर्म पानी के प्रवाह के कारण इस बार एक मजबूत अल नीनो की संभावना बढ़ गई है, जो भारत में मानसूनी वर्षा को प्रभावित कर सकता है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वरिष्ठ पर्यावरण विज्ञानी डा. नरेंद्र सिंह के अनुसार, अल नीनो का प्रभाव इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक शक्तिशाली हो सकता है। यदि यह अल नीनो सुपर अल नीनो में परिवर्तित होता है, तो मौसम की स्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान में, प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ रहा है, जिससे अल नीनो की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इस विषय पर राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनएओओ) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो स्थिति को और स्पष्ट करेगी।
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यदि अल नीनो की स्थिति कमजोर मानसूनी वर्षा का कारण बनती है, तो यह कृषि उत्पादन और जल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
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