सर गंगा राम अस्पताल में 5-5-2-2 तकनीक से गॉलब्लैडर सर्जरी में नई पहल
कम चीरे, तेज रिकवरी: 5-5-2-2 तकनीक से गॉलब्लैडर सर्जरी में सर गंगा राम अस्पताल की खास पहल

Image: Ndtv
सर गंगा राम अस्पताल ने 5-5-2-2 तकनीक से गॉलब्लैडर सर्जरी में एक नई दिशा दी है, जिससे मरीजों को कम दर्द, तेज रिकवरी और कम दिखाई देने वाले निशान मिलते हैं। हाल ही में एक मरीज ने इस प्रक्रिया से लाभ उठाया और जल्दी ही सामान्य जीवन में लौट आईं।
- 015-5-2-2 तकनीक में दो 5 मिमी और दो 2 मिमी पोर्ट का उपयोग किया जाता है।
- 02इस तकनीक से मरीजों को कम दर्द और तेजी से रिकवरी का अनुभव होता है।
- 03सर्जरी के बाद मरीज को केवल दो घंटे में आराम से बैठने और चलने की अनुमति मिली।
- 04प्रो. डॉ. तरुण मित्तल ने इस तकनीक की प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
- 05कुछ मामलों में मरीजों को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
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सर गंगा राम अस्पताल ने गॉलब्लैडर (पित्ताशय) की सर्जरी के लिए 5-5-2-2 तकनीक का उपयोग शुरू किया है, जो मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। इस तकनीक में दो 5 मिमी और दो 2 मिमी पोर्ट का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीजों को कम दर्द और तेज रिकवरी का लाभ मिलता है। हाल ही में, 35 वर्षीय एक महिला ने इस प्रक्रिया का अनुभव किया, जिसके बाद उन्हें केवल दो घंटे में चलने की अनुमति मिली और उन्हें बहुत कम दर्दनिवारक दवाओं की आवश्यकता पड़ी। प्रो. डॉ. तरुण मित्तल ने बताया कि यह तकनीक ऊतकों को कम नुकसान पहुँचाती है और कॉस्मेटिक परिणाम भी बेहतर होते हैं। सर्जरी के बाद मरीज ने संतोष व्यक्त किया कि उनके पेट पर निशान लगभग दिखाई नहीं दे रहे थे। इस प्रकार की नई सर्जिकल विधियाँ मरीजों के अनुभव में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
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इस तकनीक से मरीजों की सर्जरी के अनुभव में सुधार हो रहा है, जिससे उनकी रिकवरी तेज और दर्द कम होता है।
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