डॉ. सुभाष कश्यप का निधन: पीएम मोदी और ओम बिरला ने जताया दुख
संविधान विशेषज्ञ और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष कश्यप के निधन पर पीएम मोदी जताया दुख

Image: Ndtv
प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का निधन 97 वर्ष की आयु में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके योगदान को सराहा और शोक व्यक्त किया। कश्यप का कार्य भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण रहा है।
- 01डॉ. सुभाष कश्यप का निधन 97 वर्ष की आयु में हुआ, हृदय गति रुक जाने के कारण।
- 02वे लोकसभा के महासचिव रहे और भारतीय संविधान के प्रमुख विशेषज्ञ माने जाते थे।
- 03कश्यप ने 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जो संवैधानिक विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
- 04प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को समृद्ध बताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।
- 05लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके जीवन को राष्ट्रसेवा और नैतिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
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प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का निधन 97 वर्ष की आयु में हुआ। उनका निधन दिल्ली स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुक जाने के कारण हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान समृद्ध रहा। ओम बिरला ने उन्हें भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था का जीवंत विश्वकोश बताया। उन्होंने कहा कि कश्यप का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा, विशेषकर संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं की समझ को जन-जन तक पहुंचाने में। कश्यप ने 1984 से 1990 तक तीन लोकसभाओं के महासचिव के रूप में कार्य किया और 37 वर्षों तक लोकसभा सचिवालय से जुड़े रहे।
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डॉ. कश्यप का निधन भारतीय संविधान और संसदीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी क्षति है।
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