दिल्ली यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं का प्रदर्शन, प्रशासन पर जबरन वसूली के आरोप
DU के गर्ल्स हॉस्टल में आधी रात को हंगामा, सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच छात्राओं को क्यों बैठना पड़ा धरने पर?

Image: Zee News
दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन में छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें जबरन वसूली और हॉस्टल खाली कराने के प्रयासों के आरोप लगाए गए। छात्राओं ने पानी की आपूर्ति बंद करने और परीक्षा की तैयारी में बाधा डालने के खिलाफ भी आवाज उठाई।
- 01प्रदर्शन रात 9:30 बजे शुरू हुआ और देर रात तक चला, जिसमें छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन के खिलाफ नारेबाजी की।
- 02छात्र संगठन AISA ने प्रशासन पर छात्राओं को परेशान करने का आरोप लगाया है।
- 03कुछ ब्लॉकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे छात्राओं को परीक्षा की तैयारी में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
- 04छात्राओं पर रोज़ाना 450 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाने का आदेश दिया गया, जबकि फीस पहले ही जमा की जा चुकी थी।
- 05छात्राओं ने वार्डन के इस्तीफे और बिना जुर्माने के हॉस्टल में रहने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन में गुरुवार रात छात्राओं ने हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें जबरन हॉस्टल से निकालने की कोशिश कर रहा है और जबरन वसूली कर रहा है। प्रदर्शन रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ और छात्राएं हॉस्टल गेट के बाहर बैठकर नारेबाजी करती रहीं। छात्र संगठन AISA ने भी छात्राओं के समर्थन में आवाज उठाई, यह कहते हुए कि पिछले कुछ दिनों से छात्राओं को परेशान किया जा रहा है। कुछ ब्लॉकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई और कॉमन रीडिंग रूम से कुर्सियां हटा दी गईं, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं को दिक्कतें हुईं। AISA ने यह भी बताया कि जून और जुलाई की फीस जमा होने के बावजूद प्रशासन हॉस्टल खाली कराने का दबाव बना रहा है। छात्राओं ने वार्डन के इस्तीफे, 24 घंटे पानी की सप्लाई बहाल करने और बिना किसी जुर्माने के हॉस्टल में रहने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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इस प्रदर्शन से छात्राओं की परीक्षा की तैयारी प्रभावित हुई है, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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