भारत का निर्यात बढ़ा, संकट के बावजूद प्लान-B सफल
संकट में दुनिया... लेकिन भारत का प्लान-B कर रहा है काम, ये बड़ी खुशखबरी
Aaj Tak
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भारत ने वैश्विक संकटों के बीच अपने निर्यात में वृद्धि की है, जो अप्रैल में 43.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया। आयात में भी 10% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा। मोदी सरकार के प्लान-B के तहत नए बाजारों में प्रवेश और आयात डेस्टिनेशंस की संख्या बढ़ाने के कदम उठाए गए हैं।
- 01अप्रैल में भारत का निर्यात 13.78% बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया।
- 02आयात भी 10% बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया।
- 03अनाज के निर्यात में 210.19% की वृद्धि हुई, जबकि मीट और डेयरी उत्पादों में 48.03% की वृद्धि देखी गई।
- 04पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात 28% घटकर 4.16 अरब डॉलर रह गया।
- 05भारत ने हाल ही में न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ कई महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
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अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के बावजूद, भारत ने अपने निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। अप्रैल में निर्यात 43.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो कि 13.78% की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान, आयात भी 10% बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया, जिससे व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा। खासकर, अनाज के निर्यात में 210.19% की वृद्धि हुई, जबकि मीट और डेयरी उत्पादों में 48.03% की वृद्धि देखी गई। मोदी सरकार का प्लान-B, जिसमें नए बाजारों की पहचान और आयात डेस्टिनेशंस की संख्या बढ़ाना शामिल है, सफल साबित हो रहा है। इसके तहत भारत ने न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये कदम वैश्विक संकटों के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिरता को दर्शाते हैं।
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भारत के निर्यात में वृद्धि से घरेलू उद्योगों को लाभ होगा और आर्थिक स्थिरता में सुधार होगा।
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