बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पर उपभोक्ताओं में भ्रम, सॉफ्टवेयर अपडेट से समस्याएं
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पर भ्रम, सॉफ्टवेयर अपडेट से उपभोक्ता परेशान
Jagran
Image: Jagran
बिहार के मुजफ्फरपुर में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। नया सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद कुछ उपभोक्ताओं के बिल शून्य दिख रहे हैं, जबकि अन्य के खातों से राशि कट रही है। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्चुअल क्रेडिट की प्रक्रिया जारी है।
- 01125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना में उपभोक्ताओं के बीच भ्रम
- 02सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण बिलिंग में असमानता
- 03विभाग ने वर्चुअल क्रेडिट की प्रक्रिया की पुष्टि की
- 04उपभोक्ताओं ने पारदर्शी बिलिंग की मांग की
- 05बिना पूर्व सूचना के बदलाव को गलत बताया
Advertisement
In-Article Ad
मुजफ्फरपुर, बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नए सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद, कुछ उपभोक्ताओं के बिल शून्य दिख रहे हैं, जबकि दूसरों के खातों से एक मई से राशि कटने लगी है। उपभोक्ता दीनबंधु झा सहित कई लोगों ने विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है, यह कहते हुए कि पहले एप पर शून्य बिल दिखता था, लेकिन अब पैसे कटने लगे हैं। विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने बताया कि एक अप्रैल से टाइम ऑफ डे (टीओडी) सिस्टम लागू किया गया है और डेटा समायोजन की प्रक्रिया जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी उपभोक्ताओं के खातों में 125 यूनिट मुफ्त का लाभ अपडेट किया जा रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं ने बिना पूर्व सूचना के बदलाव को गलत बताया है और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था की मांग की है।
Advertisement
In-Article Ad
उपभोक्ताओं को बिलिंग में असमानता और भ्रम के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बिजली विभाग को बिलिंग प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए?
Connecting to poll...
More about बिजली विभाग

Moradabad में लाइनमैन की मौत से हड़कंप, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
Amar Ujala • May 4, 2026

बुलंदशहर में स्मार्ट मीटर के करंट से चार बच्चे झुलसे, गंभीर हालत में दिल्ली रेफर
Ndtv • May 4, 2026
फतेहपुर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ प्रदर्शन: उपभोक्ताओं ने उठाए पुराने मीटर लगाने की मांग
Nbt Navbharattimes • May 3, 2026
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




