वंदे मातरम को मिला राष्ट्रीय गान के समान दर्जा, मोदी कैबिनेट ने किया ऐतिहासिक फैसला
'वंदे मातरम' को मिला राष्ट्रीय गान के बराबर दर्जा, मोदी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान दर्जा देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। यह निर्णय बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है और इसके उल्लंघन पर सजा का प्रावधान होगा।
- 01'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान के समान दर्जा मिला
- 02सरकार ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकार किया
- 03उल्लंघन पर सजा का प्रावधान होगा, जो संज्ञेय अपराध माना जाएगा
- 04इस निर्णय का संबंध 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ से है
- 052005 में तिरंगे के अपमान पर भी कानून में संशोधन किया गया था
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। बैठक में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है। संशोधन लागू होने पर 'वंदे मातरम' पर वही नियम और प्रतिबंध लागू होंगे जो वर्तमान में राष्ट्रगान के लिए हैं। उल्लंघन करने पर यह संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसमें जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इससे पहले 2005 में तिरंगे के अपमान पर रोक लगाने के लिए कानून में संशोधन किया गया था।
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'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान के समान दर्जा मिलने से इसके प्रति सम्मान और सुरक्षा बढ़ेगी। यह कदम देश में सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा।
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