सीसीआई की रूई बिक्री में कटौती से वस्त्र उद्योग को मिलेगी राहत
सीसीआई द्वारा दाम घटाकर रूई की बिक्री शुरू किए जाने से वस्त्र उद्योग को राहत

Image: Investing भारत
भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने अपने स्टॉक से रूई की बिक्री फिर से शुरू की है और इसके आधार मूल्य में ₹2300 प्रति कैंडी की कटौती की है। यह कदम वस्त्र उद्योग को राहत देने के लिए उठाया गया है, हालाँकि पहले दिन केवल 1200 गांठ रूई बेची गई।
- 01सीसीआई ने 29 मई से रूई की बिक्री फिर से शुरू की है।
- 02रूई के दाम में ₹3000 प्रति कैंडी की कुल कटौती की गई है।
- 03पहले दिन 1200 गांठ रूई बेची गई, जिसमें से 800 गांठ टेक्सटाइल मिलर्स ने खरीदी।
- 04अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई के दाम में नरमी आई है, जिससे घरेलू कीमतों पर भी असर पड़ा है।
- 05खरीदारों में 'इंतजार करो और देखो' की नीति अपनाई जा रही है।
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भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने अपने स्टॉक से रूई की बिक्री पुनः शुरू की है और इसके आरक्षित आधार मूल्य में ₹2300 प्रति कैंडी की कटौती की है, जिससे वस्त्र उद्योग को राहत मिलेगी। 29 मई को बिक्री शुरू होने पर पहले दिन केवल 1200 गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) रूई बेची गई। इसमें से 800 गांठ की खरीद टेक्सटाइल मिलर्स ने की, जबकि बाकी व्यापारियों द्वारा खरीदी गई। हाल के दिनों में सीसीआई ने रूई के दाम में कुल ₹3000 प्रति कैंडी की कटौती की है। हालांकि, खरीदारों की दिलचस्पी कम रही है, क्योंकि वे उच्च दाम पर रूई खरीदने में असमर्थ हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई के दाम में नरमी आई है, जिससे घरेलू कीमतों पर भी प्रभाव पड़ा है। रिसेलर्स द्वारा सीसीआई की तुलना में ₹2000 प्रति कैंडी के नीचे दाम पर रूई बेची जा रही है।
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वस्त्र उद्योग को राहत मिलेगी, जिससे उत्पादन और बिक्री में सुधार की संभावना है।
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