भारत ने एआई रेस में चौथा स्थान हासिल किया, जर्मनी को पछाड़ा
एआई रेस में भारत का जलवा: 71 देशों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मिला चौथा स्थान, जर्मनी जैसे दिग्गजों को पछाड़ा
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भारत ने 'स्टेट ऑफ इंडिया डिजिटल इकोनॉमी' रिपोर्ट के अनुसार, 71 देशों की प्रतिस्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया है। भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था है और एआई प्रतिभा का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
- 01भारत ने 'सीएचआईपीएस-एआई इंडेक्स' में चौथा स्थान प्राप्त किया, जर्मनी, फ्रांस और जापान को पीछे छोड़ते हुए।
- 02भारत ने डिजिटल सेवाओं के वैश्विक व्यापार से $328 अरब (लगभग ₹27.5 लाख करोड़) की कमाई की है।
- 03विकासशील देशों में एआई उपयोगकर्ताओं का 72% हिस्सा निवास करता है, जिसमें भारत और चीन का योगदान महत्वपूर्ण है।
- 04भारत, सिंगापुर और चीन जैसे देश अब दुनिया की शीर्ष पांच डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।
- 05भारत की एआई प्रतिभा का हिस्सा 26% है, लेकिन निजी एआई निवेश में महज 1% की हिस्सेदारी है।
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भारत ने 'स्टेट ऑफ इंडिया डिजिटल इकोनॉमी' (SIDE) 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 71 देशों की प्रतिस्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया है, जिससे वह डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन गया है। भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था है और $328 अरब (लगभग ₹27.5 लाख करोड़) की रिकॉर्ड कमाई कर चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत एआई प्रतिभा का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है, जबकि विकासशील देशों में एआई उपयोगकर्ताओं का 72% हिस्सा निवास करता है। हालांकि, भारत को एआई में निजी निवेश में केवल 1% हिस्सेदारी के साथ गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत को साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सख्त सुरक्षा नीतियों की आवश्यकता है।
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भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में वृद्धि से स्थानीय उद्यमिता और रोजगार में सुधार की संभावना है।
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