पोप लियो XIV ने गुलामी के लिए मांगी ऐतिहासिक माफी
पोप ने क्यों की क्षमायाचना? सदियों पुराने गुनाह के लिए मांगी माफी

Image: Aaj Tak
पोप लियो XIV ने सोमवार को वेटिकन चर्च के इतिहास में दास प्रथा और गुलामी को जायज ठहराने के लिए पहली बार सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने इसे 'ईसाई यादों का एक ज़ख्म' बताया और अमेरिका में पैदा हुए पहले पोप के रूप में इस चुनौती को स्वीकार किया।
- 01पोप लियो XIV ने गुलामी और दास प्रथा के लिए वेटिकन की भूमिका पर माफी मांगी।
- 02उन्होंने इसे 'ईसाई यादों का एक ज़ख्म' करार दिया।
- 03पोप का परिवार गुलामों और गुलामों के मालिक दोनों का इतिहास रखता है।
- 04यह माफी अमेरिका के अश्वेत कैथोलिकों और एक्टिविस्टों की लंबे समय से की जा रही मांग का हिस्सा है।
- 05पोप ने 15वीं सदी के विवादित आदेशों की आलोचना की, जो गैर-ईसाइयों को गुलाम बनाने की अनुमति देते थे।
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पोप लियो XIV ने सोमवार को एक ऐतिहासिक माफी मांगी, जिसमें उन्होंने वेटिकन चर्च की दास प्रथा और गुलामी को जायज ठहराने में भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने इसे 'ईसाई यादों का एक ज़ख्म' कहा और यह पहली बार है जब किसी पोप ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। पोप ने अपने परिवार के इतिहास का भी उल्लेख किया, जिसमें गुलाम और गुलामों के मालिक दोनों शामिल थे। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से माफी मांगी, जिसमें उन्होंने अमेरिका में अश्वेत कैथोलिकों और एक्टिविस्टों की लंबे समय से की जा रही मांग का समर्थन किया। पोप ने 15वीं सदी में वेटिकन से जारी विवादित आदेशों की आलोचना की, जो पुर्तगाली शासकों को गैर-ईसाइयों को गुलाम बनाने की अनुमति देते थे। यह माफी डिजिटल युग में मानवता की रक्षा करने के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
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यह माफी चर्च के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो अश्वेत समुदाय के लिए न्याय की दिशा में एक कदम हो सकती है।
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