उत्तर प्रदेश असंगठित रोजगार में बना देश का नंबर-1 राज्य
यूपी ने मारी बाजी! असंगठित रोजगार में देश में नंबर-1 बना राज्य
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भारत के असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने 2025 में 14.5% श्रमिकों के साथ सबसे अधिक हिस्सेदारी हासिल की है। इस क्षेत्र में कुल 75 लाख श्रमिकों की वृद्धि हुई है, जिससे उत्तर प्रदेश का सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) 11.7% हो गया है।
- 01उत्तर प्रदेश ने असंगठित क्षेत्र में 14.5% श्रमिकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
- 02पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
- 03उत्तर प्रदेश का सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) 11.7% है, जो देश में सबसे अधिक है।
- 04दिल्ली में इंटरनेट की स्वीकार्यता 71.1% है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह केवल 18.7% है।
- 05डिजिटल विभाजन से उत्पादकता में अंतर स्पष्ट होता है।
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भारत के असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में 2025 में 75 लाख श्रमिकों की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश ने इस क्षेत्र में 14.5% श्रमिकों के साथ सबसे अधिक हिस्सेदारी हासिल की है, जबकि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र क्रमशः 13.2% और 9.1% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। उत्तर प्रदेश का सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) 11.7% है, जो इसे देश में सबसे अधिक योगदान देने वाला राज्य बनाता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि डिजिटल विभाजन के कारण उत्पादकता में अंतर उत्पन्न हो रहा है, जिसमें दिल्ली में इंटरनेट की स्वीकार्यता 71.1% है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह केवल 18.7% है। यह रिपोर्ट विभिन्न राज्यों के बीच विकास के असमान स्तर को भी उजागर करती है।
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इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय श्रमिकों को लाभ होगा।
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