रक्षा शेयरों में 355% तक का रिटर्न, वैश्विक तनावों का प्रभाव
ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक तनाव से चमके Defense Stocks, एक साल में 355% तक रिटर्न
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पिछले एक वर्ष में भारत के रक्षा शेयरों ने 355% तक की वृद्धि दर्ज की है, जिसका मुख्य कारण ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव हैं। 18 रक्षा कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है, जबकि निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में 32% की वृद्धि हुई है।
- 01रक्षा शेयरों में औसतन 67% की सालाना वृद्धि हुई है।
- 02एमटीएआर टेक्नॉलजीज ने 355% का सबसे अधिक रिटर्न दिया।
- 03भारत का रक्षा उद्योग आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
- 04वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों ने रक्षा खर्च में वृद्धि की है।
- 05निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में 32% की वृद्धि हुई है।
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पिछले एक वर्ष में भारत के रक्षा शेयरों ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिसमें 18 कंपनियों ने औसतन 67% की सालाना वृद्धि की। सबसे बड़ी लाभार्थी एमटीएआर टेक्नॉलजीज रही, जिसने 355% की वृद्धि दर्ज की। ऑपरेशन सिंदूर, जो पाकिस्तान में भारतीय सैन्य हमलों से संबंधित है, और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों ने इस क्षेत्र में नई रुचि को जन्म दिया है। इस अवधि में इन 18 कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स, जो रक्षा शेयरों का सूचकांक है, पिछले 12 महीनों में 32% बढ़ा है। इस वृद्धि का समर्थन वैश्विक संघर्षों और तनावों ने किया है, जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में अस्थिरता। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का रक्षा उद्योग अब आयात-निर्भरता से आत्मनिर्भरता और निर्यात-उन्मुख मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
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रक्षा शेयरों की वृद्धि से निवेशकों को लाभ हो रहा है और भारत का रक्षा उद्योग आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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