शनि जयंती 2026: पूजा के दौरान ध्यान रखें ये महत्वपूर्ण बातें
शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये गलती, वरना नाराज हो सकते हैं शनि देव, 3 चीजों का सरल उपाय दिलाएगा राहत
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शनि जयंती 2026, 16 मई को मनाई जाएगी, जो कि शनि देव के दिन है। इस दिन विशेष पूजा के साथ सरसों का तेल, काले तिल और दीपक का उपयोग किया जाता है। इन चीजों का सही प्रयोग शनि की अशुभ दृष्टि को शांत करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है।
- 01शनि जयंती 2026, 16 मई को सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 17 मई को 1:30 बजे तक मनाई जाएगी।
- 02सरसों का तेल शनि की उग्र ऊर्जा को शांत करने में मदद करता है और इसे शनि मंदिर में अर्पित किया जाता है।
- 03काले तिल का दान शनि दोष कम करने में सहायक माना जाता है और इसे पूजा में अर्पित किया जाता है।
- 04दीपक जलाने की परंपरा अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है, जो मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है।
- 05शनि जयंती पर जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द दाल, काले तिल और सरसों तेल का दान शुभ माना जाता है।
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शनि जयंती, जो कि शनि देव के सम्मान में मनाई जाती है, 2026 में 16 मई को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें सरसों का तेल, काले तिल और दीपक का उपयोग महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सरसों का तेल शनि की उग्र ऊर्जा को शांत करता है और इसे शनि मंदिर में अर्पित किया जाता है। काले तिल, जो शनि देव से जुड़े हैं, पुराने कर्मों के दोषों को शांत करने में मदद करते हैं। इस दिन दीपक जलाना भी एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। पूजा के साथ-साथ, जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द दाल, काले तिल और सरसों तेल का दान भी शुभ माना जाता है। शनि जयंती पर झूठ बोलने, अपमान करने और बेवजह क्रोध करने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन हनुमान चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ करने से भी शनि दोष का असर कम होता है।
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शनि जयंती पर पूजा और दान से लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सकती है।
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