राजस्थान में 24 दवाओं के बिक्री पर रोक, कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद सरकार का कड़ा कदम
Kota NMCH: राजस्थान में 24 दवाओं के बिक्री-इस्तेमाल पर रोक, कोटा में प्रसूताओं की मौत के बाद सरकार का फैसला
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
राजस्थान के कोटा में न्यू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद राज्य सरकार ने 24 दवाओं के विशेष बैचों के बिक्री पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मरीजों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
- 01कोटा के NMCH में प्रसूताओं की मौत के मामले में 24 दवाओं के विशेष बैचों पर रोक
- 02राज्य सरकार ने चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
- 03मुख्यमंत्री ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी
- 04दवाओं के सैंपल की जांच के बाद ही बिक्री की अनुमति
- 05अन्य दोषियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
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राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (NMCH) में प्रसूताओं की मौत के मामले ने गंभीरता से ध्यान आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत, राज्य सरकार ने 24 दवाओं के विशेष बैचों के बिक्री पर रोक लगा दी है। इनमें से 15 दवाएं राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) द्वारा खरीदी गई थीं। ड्रग कंट्रोल विभाग ने सभी निर्माताओं और थोक विक्रेताओं को आदेश दिया है कि जब तक दवाओं के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन्हें न बेचा जाए। प्रारंभिक जांच में चिकित्सा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कई चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डॉ. नवनीत कुमार को निलंबित किया गया है, जबकि डॉ. श्रद्धा उपाध्याय को बर्खास्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
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इस निर्णय से कोटा के मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और दवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
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